गीतकार: , 1878.

संगीतकार: .


क्रूस ही के पास जहां ख़ून बहा
दब के गुनाहों से मैं गया
ख़ून में वहां यह दिल साफ हुआ

उसकी हो तारीफ उसकी हो तारीफ
ख़ून में वहां यह दिल साफ हुआ
उसकी हो तारीफ

दूर हैं गुनाह मेरे बिल यकीन
दिल में अब येसु है तख्त नशीन
क्रूस का ही गीत मुझको शीरीन

उसकी हो तारीफ उसकी हो तारीफ
ख़ून में वहां यह दिल साफ हुआ
उसकी हो तारीफ

क्रूस का वह चश्मा है बेश बहा
खुश हूं कि मैं उसके पास आया
खूब मुझको येसु ने साफ किया

उसकी हो तारीफ उसकी हो तारीफ
ख़ून में वहां यह दिल साफ हुआ
उसकी हो तारीफ

आ देख यह चश्मा है साफ शपफाफ
आ ताकि हों तेरे गुनाह मुआफ
आ इस वक्त अभी हो तू साफ

उसकी हो तारीफ उसकी हो तारीफ
ख़ून में वहां यह दिल साफ हुआ
उसकी हो तारीफ